ट्रेड पाठ्यक्रम
कोर्स अवलोकन
- ट्रेड नाम: वेल्डर (स्ट्रक्चरल)
- अवधि: 1 वर्ष (2 सेमेस्टर)
- एनएसक्यूएफ स्तर: स्तर 4
- योग्यता: 10वीं पास
- उद्देश्य: स्ट्रक्चरल स्टीलवर्क के लिए वेल्डिंग तकनीकों, जैसे आर्क, MIG, और TIG वेल्डिंग में प्रशिक्षण देना, ताकि उम्मीदवार निर्माण, पुलों, पाइपलाइनों, या भारी उद्योगों में स्ट्रक्चरल वेल्डर की भूमिकाओं, या स्ट्रक्चरल वेल्डिंग और मरम्मत सेवाओं में स्व-रोजगार के लिए तैयार हों।
- प्रमाणन: एनसीवीटी द्वारा नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी), विश्व स्तर पर मान्य।
विस्तृत पाठ्यक्रम
सेमेस्टर 1
ट्रेड थ्योरी
- स्ट्रक्चरल वेल्डिंग परिचय: निर्माण, पुलों, और पाइपलाइनों में महत्व; वेल्डर की भूमिका।
- सुरक्षा अभ्यास: PPE (वेल्डिंग हेलमेट, दस्ताने, जूते), अग्नि सुरक्षा, ऊँचाई पर काम, बिजली का झटका रोकथाम।
- वेल्डिंग प्रक्रियाएँ: शील्डेड मेटल आर्क वेल्डिंग (SMAW), गैस वेल्डिंग, इलेक्ट्रोड प्रकार, और फिलर सामग्री।
- धातु विज्ञान मूल बातें: स्ट्रक्चरल स्टील के गुण, ताप का प्रभाव, वेल्ड खामियाँ (दरारें, सरंध्रता)।
- उपकरण और साधन: वेल्डिंग ट्रांसफार्मर, रेक्टिफायर, गैस टॉर्च, एंगल ग्राइंडर; सेटअप और रखरखाव।
- स्ट्रक्चरल घटक: बीम, कॉलम, ट्रस; स्ट्रक्चरल ड्राइंग और वेल्ड प्रतीक पढ़ना।
- इंजीनियरिंग ड्राइंग: वेल्ड जोड़ प्रकार (बट, फिलेट, लैप), स्ट्रक्चरल ब्लूप्रिंट, अनुभागीय दृश्य।
ट्रेड प्रैक्टिकल
- सुरक्षा अभ्यास: PPE उपयोग, गैस सिलेंडर सुरक्षित करना, फॉल प्रोटेक्शन अभ्यास, अग्निशामक सेटअप।
- आर्क वेल्डिंग अभ्यास: सीधे बीड जमा करना, माइल्ड स्टील प्लेट (6-10 मिमी) पर फिलेट जोड़ वेल्डिंग।
- गैस वेल्डिंग: ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च सेटअप, फ्लैट स्थिति में माइल्ड स्टील वेल्डिंग।
- कटिंग कार्य: गैस कटिंग टॉर्च से स्ट्रक्चरल स्टील सेक्शन (एंगल, चैनल) काटना।
- जोड़ तैयारी: बेवल किनारों को ग्राइंड करना, बट और फिलेट जोड़ वेल्डिंग के लिए तैयार करना।
- स्ट्रक्चरल अभ्यास: टेम्पलेट का उपयोग कर बीम या कॉलम के लिए स्टील प्लेट मापना और काटना।
- प्रोजेक्ट कार्य: फिलेट वेल्ड के साथ स्ट्रक्चरल टी-जॉइंट असेंबली (जैसे, बीम-टू-कॉलम कनेक्शन) वेल्डिंग।
घंटे: थ्योरी: 160 घंटे | प्रैक्टिकल: 240 घंटे
सेमेस्टर 2
ट्रेड थ्योरी
- उन्नत वेल्डिंग तकनीकें: MIG (मेटल इनर्ट गैस), TIG (टंगस्टन इनर्ट गैस), फ्लक्स-कोर्ड आर्क वेल्डिंग (FCAW)।
- स्ट्रक्चरल फैब्रिकेशन: बीम, कॉलम संरेखण; बड़े संरचनाओं के लिए जिग्स, फिक्सचर उपयोग।
- वेल्ड खामियाँ: स्लैग समावेशन, फ्यूजन की कमी; कारण, रोकथाम, गैर-विनाशकारी परीक्षण (विजुअल, डाई पेनेट्रेंट)।
- वेल्डिंग कोड और मानक: BIS, AWS D1.1 स्ट्रक्चरल वेल्डिंग, गुणवत्ता आवश्यकताएँ।
- रखरखाव: वेल्डिंग उपकरण समस्याओं का निवारण, टॉर्च मरम्मत, पावर केबल जाँच।
- उच्च-शक्ति स्टील: HSLA (उच्च-शक्ति कम-मिश्र धातु) स्टील के लिए वेल्डिंग तकनीकें, प्रीहीटिंग विधियाँ।
- उद्यमिता: स्ट्रक्चरल वेल्डिंग व्यवसाय शुरू करना, लागत, निर्माण उद्योगों में रुझान।
ट्रेड प्रैक्टिकल
- MIG/TIG वेल्डिंग: ऊर्ध्वाधर/क्षैतिज स्थिति में स्ट्रक्चरल स्टील वेल्डिंग, गैस प्रवाह समायोजन।
- FCAW अभ्यास: भारी संरचनाओं के लिए मोटी प्लेट (12-20 मिमी) वेल्डिंग, पेनेट्रेशन सुनिश्चित करना।
- फैब्रिकेशन कार्य: जिग्स का उपयोग कर ट्रस या फ्रेम असेंबल, कई जोड़ (बट, फिलेट) वेल्डिंग।
- वेल्ड निरीक्षण: दोषों के लिए वेल्ड जाँच, डाई पेनेट्रेंट परीक्षण, वेल्ड आकार माप।
- रखरखाव कार्य: वेल्डिंग मशीनों का ओवरहॉल, उपभोग्य (नोजल, इलेक्ट्रोड) प्रतिस्थापन।
- उच्च-शक्ति वेल्डिंग: प्रीहीटिंग के साथ HSLA स्टील प्लेट वेल्डिंग, दरार-मुक्त जोड़ सुनिश्चित करना।
- प्रोजेक्ट कार्य: एक स्ट्रक्चरल घटक (जैसे, पुल गर्डर सेक्शन) का फैब्रिकेशन और वेल्डिंग, जिसमें कई वेल्ड और गुणवत्ता जाँच शामिल हों।
घंटे: थ्योरी: 160 घंटे | प्रैक्टिकल: 240 घंटे
अतिरिक्त घटक
- वर्कशॉप गणना और विज्ञान
- गणना: वेल्ड बीड लंबाई, सामग्री अनुमान, इलेक्ट्रोड खपत।
- विज्ञान: ताप-प्रभावित क्षेत्र, तापीय चालकता, वेल्डिंग में विद्युत सिद्धांत।
- घंटे: 80 घंटे/वर्ष
- इंजीनियरिंग ड्राइंग
- ड्राइंग: स्ट्रक्चरल असेंबली, वेल्ड प्रतीक, बीम और कॉलम के विस्तृत दृश्य।
- घंटे: 80 घंटे/वर्ष
- रोजगार कौशल
- संचार: वेल्ड गुणवत्ता रिपोर्टिंग, सुपरवाइजर के साथ समन्वय, साइट पर टीमवर्क।
- आईटी साक्षरता: स्ट्रक्चरल डिज़ाइन के लिए CAD, ऑनलाइन वेल्डिंग मानक संसाधन।
- सॉफ्ट स्किल्स: समय प्रबंधन, रिज्यूमे लेखन, साक्षात्कार तैयारी।
- घंटे: 60 घंटे/वर्ष
मूल्यांकन और प्रमाणन
- परीक्षा:
- थ्योरी: प्रति सेमेस्टर लिखित परीक्षा (MCQ, वर्णनात्मक प्रश्न)।
- प्रैक्टिकल: स्ट्रक्चरल जोड़ वेल्डिंग, असेंबली फैब्रिकेशन, वेल्ड निरीक्षण जैसे कार्य।
- मूल्यांकन मानदंड: वेल्ड मजबूती, स्ट्रक्चरल संरेखण, मानकों का पालन, सुरक्षा अभ्यास।
- प्रमाणन: दोनों सेमेस्टर पास करने पर एनसीवीटी नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (एनटीसी), विश्व स्तर पर मान्य।
करियर अवसर
- रोजगार: निर्माण, पुल निर्माण, पाइपलाइन, या भारी उद्योगों में स्ट्रक्चरल वेल्डर।
- स्व-रोजगार: वेल्डिंग वर्कशॉप, फ्रीलांस स्ट्रक्चरल मरम्मत सेवाएँ, बुनियादी ढांचे के लिए अनुबंध वेल्डिंग।
- आगे पढ़ाई: वेल्डिंग प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा, उन्नत वेल्डिंग (FCAW, कोडेड वेल्डिंग) में प्रमाणन।
ITI Welder Trade
The ITI Welder trade is a one-year vocational training program under the Craftsman Training Scheme (CTS), regulated by the National Council for Vocational Training (NCVT). This course trains individuals in welding techniques, safety practices, and metal fabrication to prepare them for careers as welders in industries such as manufacturing, construction, and automotive. The syllabus is divided into two semesters, each lasting six months, and includes theoretical knowledge, practical skills, and employability training.
Course Overview
- Duration: 1 Year (2 Semesters)
- Eligibility: Minimum 8th-grade pass (some institutes require 10th-grade pass with Science and Mathematics)
- Objective: To develop skilled welders proficient in gas and electric welding, capable of performing industrial welding tasks with precision and safety.
Assessment and Certification
- Examinations: Conducted semester-wise with theory and practical components.
- Certification: Successful candidates receive the National Trade Certificate (NTC) from NCVT, recognized across India for employment and further training.
- Evaluation: Includes practical tests (e.g., weld quality), theory exams, and project assessments.
Career Opportunities
- Welders in manufacturing, construction, shipbuilding, and automotive industries.
- Opportunities as welding supervisors or inspectors with experience.
- Self-employment through fabrication workshops.